विनम्र श्रद्धांजलि भारत के जाबाज़ वीरों को - नीता झा

जीवन सफल कर गए.. देश की माटी के लाल।। सारे हक अदा कर गए.. पर रहेगा सदा ये मलाल।। काल का कुचक्र था वो.. कुछ पन्ने कोरे छोड़ गए।। लौटने के वादे भी होंगे.. कहीं कुछ इरादे भी होंगे।। कहानियों में सारे के सारे.. अंतिम सिसकियां दे गए।। वजहें पूछता मन विपदा.. क्यों कर सब पर आ पड़ी।। क्या थे वो बहाने मौत के.. कैसे इतने जांबाज़ चले गए।। सभी जवानों और रावत दम्पत्ति को शत शत नमन