मेरा वही तो परिचय होगा - नीता झा
पता नहीं पर क्या होगा।।
मेरे मन दर्पण में जाने...
किसका जिक्र लिखा होगा।।
आएंगे जो भाव छलक...
उनका अस्तित्व क्या होगा।।
मुश्किल दौर की गाथा या...
निर्वाण मार्ग का सूचक होगा।।
तपती ज्वाला की तपन...
या मरहम जज़्बातों का होगा।।
इशारा हुआ यदि अभी...
कुछ तो मतलब उसका होगा।।
मेरे हिस्से की कर्म स्थली...
का मुझ पर कुछ शेष होगा।।
चाहे जो भी नीयति निमित्त...
पर मेरा वही तो परिचय होगा।।
नीता झा
जवाब देंहटाएंवाह बहुत सुन्दर लयात्मक भाव भरित कविता |
nice
बेहद सुंदर कविता ,
जवाब देंहटाएंअपने जज़्बात को इतने सरल शब्दों में प्रस्तुत किया है तुमने ,,,
वस्तुतः तुम दिल से लिखती हो,, नीता
शब्द रचना ...भावनाओं को भेदती ..सरल सुबोध अभिव्यक्ति..👌👌...ये प्रशंसा नहीं वास्तविकता है दी 🙏🙏
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