मैं माँ हूं इस लिहाज़ से बच्चों को सोचना, उनके इर्द-गिर्द घूमते, मंडराते उनमें अपने सुख-दुख तलाशते जीवन इतनी तेजी से बीत गया पता ही नहीं चला जब मेरे मातृत्व को और नए-नए नाम मिलने लगे उनकी गरिमा मेरे व्यक्तित्व में दिखने लगी तो लगा जीवन अपनी पूर्णता की ओर बढ़ चला सुखद रिश्तों का असीम आनन्द यही तो है जीवन की पूर्णता का सुखद अहसास। दरअसल बचपन से ही हर जीव में स्नेह की भावना स्वाभाविक रूप से होती है। जो जीवन के तमाम पड़ावों में अपना स्वरूप बदलती रहती है। जब छोटे बच्चे अपने आसपास हो रही घटनाओं से जुड़ते जाते हैं तो वह भी सुख दुख के साथ प्रतिक्रिया देने लगते हैं। बड़ों की पीड़ा पर बरबस ही उनका अपने नन्हे हाथों से सर दबाना ही तो ईश्वर प्रदत्त स्नेहामृत है। जैसे जैसे बच्चे बड़े होते जाते हैं स्नेह व्यक्त करने के तरीके में थोड़ा फ़र्क आने लगता है। लड़कियों में ममत्व झलकता है तो लड़कों में परवाह अपने छोटे भाई बहन, भतीजे- भतीजोयों, भांजे- भांजियों, बहु- दामादों से होता हुआ कब वह स्नेह भाव भाभी माँ, चाची माँ, मासी माँ, बड़ी माँ, सासु माँ, मामी, नानी माँ, ...
मांग लो मुझसे तुम जो भी चाहिए तुम्हे बस अपने अधिकार कभी मत मांगना लेलो मुझसे तुम जब चाहो जो भी बस अपनी आज़ादी कभी मत मांगना घूमना चाहती हो तुम घूमो जी भरकर बस पांव की बेड़ी कभी मत उतारना लिवा लो मुझसे तुम दिला दूंगा गहने तुम्हे हथियार कभी न मांगना सीखना चाहती हो तुम सब सीखने दूंगा तुम्हे चौसठ कलाएं सीखना मशीन, गाड़ियां, जहाज कभी मत चलाना सीखना मांग लो मुझसे तुम वैभव की सारी सुविधाएं बस कहीं मालिकाना हक कभी मत तलाशना वंश बढ़ाना, मान बढाना पर वंशवृक्ष, या हक के कागज़ पर नाम न चाहना सब मिलेगा चाह से अधिक मेरी पसन्द से सजना सँवरना और चाकरी करना तुम ताउम्र मेरे पौरुष की नीता झा
श्लोक - योगेन्चित्तस्य पदेन वाचां। मलं शरीरस्य च वैद्य केन।। योपाकरोत्तं प्रवरं मुनिनां पतन्जलिं। प्रान्जलिरानतोस्मि।। हिंदी अनुवाद- योग से चित्त का,पद से वाणी का। व वैद्यक से शरीर का, मल जिन्होंने दूर किया उन मुनि श्रेष्ठ को मैं, अंजलिबद्ध नमस्कार करता हूँ। व्याकरणाचार्य भरत्य हरी जी ने अपने ग्रंथ "वात्यपदीय" के मंगलाचरण में महर्षि पतन्जलि की स्तुति में करबद्ध प्रार्थना स्वरूप शलोक की रचना की आइए हम भी अपने दिन की शुरूआत ऐसे ही मनोभाव से करें..... नीता झा
श्री रामायण अखंड काव्यार्चन में प्रस्तुती का सौभाग्य आपको मिला है,नीता जी हार्दिक अभिनंदन 🙏
जवाब देंहटाएंबहुत बहुत धन्यवाद आप सभी का आशीर्वाद है सब
जवाब देंहटाएंBadhai
जवाब देंहटाएंबहुत बहुत शुभकामनाएं 🙏🌹🙏
जवाब देंहटाएंबहुत बहुत धन्यवाद
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