क्या आप *आयुष मंत्रालय सर्टिफाइड Level-1/2 योग शिक्षक* बनना चाहते हैं ? क्या आप दवा मुक्त जीवन जीना पसंद करते हैं? क्या आप प्राकृतिक संसाधनों के जैसे अग्नि, वायु, जल, आकाश, पृथ्वी के माध्यम से स्वयं को स्वस्थ रखने हेतु अपने स्वयं के चिकित्सक बनना चाहते हैं? क्या तनाव को कम करके आनंदित जीवन जीना चाहते हैं? क्या आप मानसिक, आध्यात्मिक, यौगिक जीवन अपना कर सुख समृद्धि, आनंदमय जीवन जीने की इच्छा रखते हैं? क्या आप जानना चाहते हैं कब कितना खाएं, भोजन का सही तरीका पानी पीने का सही समय और तरीका कैसा हो जो हमेशा हमारे शरीर के पचहत्तर प्रतिशत जल तत्व को संतुलित रखे? क्या आप योग तथा प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से अपनी प्राचीन संस्कृति से जुड़ते हुए अपने आहार विहार में आंशिक परिवर्तन द्वारा अपने उत्तम स्वास्थ्यप्रद जीवनशैली का आनंद लेना चाहते हैं? यदि हां तो हमारे निपूर्ण योग केंद्र में नए बैच में आपका स्वागत है समय सुबह 5.30 से 6.50 तथा 7.00 से 8.20 तक प्रेक्टिकल क्लास शाम को थ्योरी क्लास अवधि तीन महीना अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें 9826128555 नीता झा
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ऑनलाइन व ऑफलाइन योग कक्षा - नीता झा
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हमारे निपूर्ण योग कक्षा में हम शीघ्र ही ऑनलाइन व ऑफलाइन योग कक्षा आरम्भ करने जा रहे हैं जिसमें हर आयुवर्ग के स्त्री - पुरुष स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं। हमारे यहां y c b लेवल 1, 2, 3 योग परीक्षा की तैयारी कराई जाती है। कक्षा का समय - प्रातः 6 बजे से 7.30 तक समय समय पर योग का महत्व, तैयारी जिसमे कुुुछ सामान्य जानकारी के अनुसार भोजन, आसनो से सम्बंधित व जीवनोपयोगी जानकारियां दी जाएंगी प्राणायाम, ध्यान व बीजमन्त्र का जाप कराया जाता है। प्रसिद्ध, अनुभवी नाड़ी वैद्य द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण उपरांत आवश्यक आसन करवाए जाते हैं प्रातः कराए जाने वाले योगाभ्यास 1 - सर्वप्रथम ॐ का जाप 2 - प्रार्थना 3 - सूक्ष्म क्रियाएं इसके अंतर्गत ग्रीवा शक्ति विकासक, स्कंध संचालन, कटि संचालन, घुटना चालन क्रिया, पंजा संचालन क्रिया 4 - स्थूल क्रिया 5 - सूर्यनमस्कार ( शवासन) 6 - योगासन चारों अवस्थाओं में.... खड़े होकर किए जाने वाले आसन.. बैठ कर किए जाने वाले आसन.. पीठ के बल किये जाने वाले आसन.. विश्राम...
मेरे आराध्य श्री राम नीता झा
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आज हमारे अराध्य मर्यादा पुरुषोत्तम श्री जी की प्रतिमा का बड़े ही हर्ष उल्लास से पुनः अवध नगरी में प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया गया बड़ा अच्छा लगा भगवान की ऐसी प्राण प्रतिष्ठा आवश्यक भी तो है। बच्चों से, दुनिया से उनका इससे सुंदर परिचय कैसे करा सकता हैं। यह दौर ऐसे अन्य प्रसंगों अन्य महान विभूतियों को पुनः प्रतिस्थापित करने का दौर है। अभी शुरुवात ही हुई है। यह समय सभी महान लोगों के जीवन को, उनके कर्मों को समझने का समय है। यह समय सिर्फ पूजा पाठ तक रहने का ही नहीं साथ ही उनकी यात्रा को समझने का समय है। अपने जीवन में जितना हो सके अपनाने का समय है। अब समय आ गया है हमारे भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए एकजुट होकर संयुक्त प्रयास करने और अपने अंदर समाहित सारे सद्गुणों को सदैव अक्षूण बनाए रखने का। समय है। बहुत ज्यादा निन्दा प्रसंशा से रहित हो बिना समय गंवाए अपने कर्मो की आहुति देने का सभी बड़ों के आशीर्वाद, मार्गदर्शन ले कर देश की सेवा में अपना सर्वोच्च देने का, सबके साथ उच्च आदर्शों के पथ पर आगे बढ़ने का ताकि भावी पीढ़ियों के लिए हम आदर्...
निपूर्ण योग केंद्र
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हमारी ऑनलाइन कक्षा में आप सभी का स्वागत है। ऑनलाइन या ऑफलाइन क्लास से जुड़ें और स्वास्थय लाभ पाएं समय सुबह - 7.00 से 8. 20 बजे तक हमारे यहाँ समय - समय पर शाम की अन्य विशेष कक्षाएं भी होती हैं। प्रार्थना, सूक्ष्म क्रिया से हमारी योग यात्रा स्थूल क्रिया, सूर्यनमस्कार, शवासन पश्चात कुछ आसान खड़े होकर, बैठकर, सीधे लेट कर, उल्टे लेटकर करवाने के बाद प्राणायाम, बीजमन्त्र का जाप प्रार्थना इत्यादि से सम्पन्न होती है शनिवार विशेष - राजयोग प्राणायाम, चक्र बीज मंत्र का जाप, महामृत्युंजय मंत्र का जाप, ध्यान, योग निद्रा इत्यादि। समय समय पर हमारे द्वारा प्रारम्भिक योग परीक्षा की तैयारी भी कराई जाती है। विभिन्न आयोजन भी करवाए जाते है। साथ ही मेनोपॉज, मोटापे, डायबिटीज, थॉयराइड, अर्थराइटिस जैसी समस्या के लिए भी विशेष कक्षा होगी जिसमें, योग के अतिरिक्त रोगनिवारण के अन्य पहलुओं की भी जानकारी दी जाएगी। प्रत्येक रविवार - अवकाश ऑनलाइन शुल्क - प्रति माह 300₹ से शुरू ऑफलाइन शुल्क - प्रतिमाह 300₹ से शुरू सम्पर्क सूत्र - 9827128555
गुरु, माँ, माँ, गुरु सभी गुरुओं को चरणवंदना करते हुए अपने प्रथम गुरु अम्मा पिताजी को सादर प्रणाम करती हूँ। मन में बहुत गहरे तक जो व्याप्त है। जो मेरे मन की सोच है। यहां तक की मेरा सम्पूर्ण व्यक्तित्व अम्मा पिताजी से प्रभावित रहा जब भी जीवन मे किसी उच्च आदर्श वाले व्यक्ति को देखा उनमें अम्मा पिताजी की झलक दिखी अपने जीवन के किसी भी उतार - चढ़ाव में दोनो की स्मृति उत्तर देती है। बिल्कुल सही और तत्काल। जन्म से पहले जिन्हें मेरी फिक्र रही सारा जीवन जिन्होंने अपने सभी बेटे - बहुओं, बेटी - दामाद, नाती - नातिन, पोते - पोतियों और अभी सगे सम्बन्धियों से सदैव प्रेम व्यवहार रखा ऐसे माता पिता की संतान होना हम सभी भाई बहनों का सौभाग्य है। इस पावन गुरुपूर्णिमा के शुभावसर पर अम्मा पिताजी को पुनः सादर प्रणामनीता झा
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चांदी की पायल बंधे - नीता झा ।
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चांदी की पायल बंधे.. मेरे वो कदम ही तो थे।। बढ़ते रहे साथ तुम्हारे.. मेरा हौसला ही तो था।। जो खिंची चली आई.. तुम्हारे सुंदर जीवन मे।। निकल आई बहुत दूर.. लांघते अनेकों पड़ाव।। संग तुम्हारे हंसीखुशी.. जानते हो नहीं आया।। बाल मन वहीं जमा है.. सरिता की दलदली सी।। तलहटी पर शैवाल संग.. आम की बड़ी डालियों में।। गर्मी की नन्ही अमियों में.. धान के छोटे बड़े कूपे में।। अधपके धान की गंध में.. जंगली फूलों की डाल में।। हां वो मेरे कदम ही तो थे.. जो बढ़ते रहे साथ तुम्हारे।। मैं हर्षाती हूं संग हो तुम्हारे.. बतियाती भी हूं बहुत और।। इतराती भी हूं खुद से पर.. कुछ रीता सा है मुझमें भी।। शायद जिद्दी मन का कोना.. मेरी पुकार किये है अनसुना।। चिड़ियों संग फुदकता हुआ.. भँवरों संग गीत गाता हुआ।। अट्टहास कर ये जतलाता के.. मेरे बिन वो बड़ा मस्त मगन।। किए खुशियों के सभी जतन.. पर मद्धम हवा बता रही थी।। प्रायःझरते हैं आंसू उसके भी.. अट्टहास करता है जी भर जब।। रखता है मौसमी चादर में तब.. कुछ सूखे फूल कुछ उदास पल।। फिर याद कर गर्मी की दोपहर.. सिसकता भी शांत हो घर जब।। फिर वह भी सोता है उदास हो.. सरिता की तलहटी...